कार्यालय-52/2999,प्रतिष्ठानपुर (झूसी), प्रयागराज-211019,
उत्तर प्रदेश, भारत
दूरवार्ता – 09335138382,+918957646790, 8115757751
संस्था -परिचय
गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के पावन संगमस्थल के समीप राजा इल द्वारा स्थापित प्रतिष्ठानपुर (झुंसी) के आवास विकास कालोनी, यो० 3 में भारतीय संस्कृति एवं साहित्य संस्थान की स्थापना हेतु बुद्ध पूर्णिमा 1995 को बैठक बुलाई गई। जिसका पंजीकरण समस्त आवश्यक प्रपत्रों की प्रस्तुति के उपरांत 20 मई 1996 को उ० प्र० सरकार द्वारा करा दिया गया। संस्था का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण भारत है। संस्था का गठन अग्रांकित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया गया –
1- भारतीय संस्कृति एवं साहित्य का समन्वय / प्रोत्साहन एवं विकास के लिए केन्द्रों की स्थापना करना।
2- विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए माध्यमिक, महाविद्यालयों, अन्य विद्यालयों तथा पुस्तकालयों की स्थापना करना।
3- शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए प्रौढ़ शिक्षा तथा भौतिक शिक्षा के लिए विकास भावना जागृत करना।
4- महिलाओं तथा बच्चों के लिए व्यावसायिक शिक्षा एवं उसकी कठिनाइयों को दूर करने के लिए वातावरण उत्पन्न करना। ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के उत्थान हेतु विविध कार्य करना, पेड-पौधे लगवाना ,पर्यावरण, जल संरक्षण कराना।
भारतीय संस्कृति एवं साहित्य संस्थान – “Institute of Indian Culture and Literature”
कार्यालय-52/2999,प्रतिष्ठानपुर (झूसी), प्रयागराज-211019,
उत्तर प्रदेश, भारत
दूरवार्ता – 09335138382,+918957646790, 8115757751
संस्थाध्यक्ष का परिचय
संपर्क –
अध्यक्ष -भारतीय संस्कृति एवं साहित्य संस्थान,
केंद्रीय विद्यापीठ मार्ग,हवेलिया,प्रतिष्ठानपुर(झूसी),
प्रयागराज-211019,उ०प्र०, भारत।
दूरवार्ता+919335138382
ईमेल -33vijayanand@gmail.com
नाम – डॉ०विजयानन्द
(मूल नाम-बिजेन्द्र प्रताप तिवारी)
माता -स्वर्गीया श्रीमती मालती तिवारी ,
पिता -श्री रमाकान्त तिवारी
जन्म -द्वादशी,आषाढ़, कृष्णपक्ष,संवत-२०१७ विक्रमी/01,जुलाई,1960 ई0।
जन्म स्थान -वाराणसी मंडल के अंतर्गत,गाजीपुर जनपद,उ० प्र०
शैक्षिक योग्यता – संपादन विशारद,साहित्यरत्न(संस्कृत),परास्नातक
(हिंदी), विद्यावारिधि (पी.एचडी), विद्यासागर ( डी.लिट मानद)।
साहित्यिक उपलब्धियां
सं०२०४२वि०/सन् 1985 ई०से हिंदी साहित्य की लगभग सभी विधाओं में 54 मौलिक तथा अनुदित,संपादित कुल 83 पुस्तकें प्रकाशित।कई साहित्यिक, शैक्षिक संस्थाओं का संचालन।’वैश्विक साहित्य ‘ त्रैमासिक पत्रिका का 11 वर्षों तक लगातार संपादन। आकाशवाणी,दूरदर्शन तथा अन्य चैनलों से कविताओं,साक्षात्कारों, वार्ताओं आदि का प्रसारण।अमेरिका के रामकाव्य पीयूष,कृष्णकाव्य पीयूष सहित ऑस्ट्रेलिया,सिंगापुर,कनाडा, जापान, नेपाल, मलेशिया,फिजी आदि अनेक देशों के संग्रहों,पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित।
प्रकाशित कृतियां
-संबोधन (काव्य संग्रह), शिवा-शौर्य (खंडकाव्य),समरभूमि ,
श्रीकृष्ण चरित (महाकाव्य),
अंधेरे के खिलाफ,
हरिओम तथा अन्य कहानियां (कहानी संग्रह) ,
अकिंचन,धर्मचक्र (एकांकी संग्रह),
दानवीर कर्ण,
वनवासिनी सीता ( नाटक),
पितामह भीष्म,
उबलता लहू
नेह निर्झर,लाजो ( उपन्यास),
विश्वसाहित्य और संस्कृति (निबंध),
समय की सलीब पर-दो भाग (आत्मकथा),
साहित्यकारों से साक्षात्कार,
आलोचना का द्वंद्व और समीक्षा (आलोचना),
प्यारा भारत,
नन्हें मुन्ने गीत ,
देश हमारा,
स्वतंत्रता के अमर शहीद,
विश्वप्रसिद्ध बाल कहानियां,
अपना गांव (बाल साहित्य) आदि।
विशेष –
भारत के कई विश्वविद्यालयों में एम०फिल, पीएचडी का शोध कार्य हो चुका/ चल रहा है।व्यक्तित्व कृतित्व पर आठ पुस्तकें प्रकाशित हैं।अमेरिकन रिसर्च इंस्टीट्यूट के दो बार सलाहकार, अफ्रीका,एशिया पेसिफिक हूज हू आदि में शामिल।
पुरस्कार/ सम्मान –
पूर्व राष्ट्रपति,
पूर्व राज्यपाल(पश्चिम बंगाल),
पूर्व मुख्यमंत्रियों (उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड),
भारत सरकार,उत्तर प्रदेश सरकार सहित, देश विदेश की अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत,यथा-अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘ हरिऔध ‘ पुरस्कार (मऊ,तब आजमगढ़), शकुन्तला सिरोठिया बाल साहित्य पुरस्कार (इलाहाबाद), तारिका विचार मंच,हरियाणा (प्रयाग में) का सम्मान,सूचना प्रसारण मंत्रालय,
भारत सरकार का सम्मान,मोहन राकेश नाटक पुरस्कार ,बाल साहित्य सम्मान ( उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ ),
भारतेंदु हरिश्चंद्र सम्मान ( हिंदुस्तानी एकेडेमी, प्रयागराज),
विश्वभारती सम्मान (महाराष्ट्र),
शंकराचार्य सम्मान (कर्नाटक),
सुब्रह्मण्य भारती सम्मान (केरल),
हिंदी अकादमी, मुंबई,
महाराष्ट्र का शिक्षारत्न सम्मान,
साहित्यमंडल श्रीनाथद्वारा का संपादकरत्न सम्मान (राजस्थान),
महात्मा गांधी साहित्य सम्मान,गांधीनगर, गुजरात,
काव्यमहारथी सम्मान, हैदराबाद,आंध्रप्रदेश,
बाल प्रहरी,उत्तराखंड,
अखिल भारतीय साहित्य परिषद,राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान,विधान सभा,लखनऊ का पराग पुरस्कार,
राजकमल प्रकाशन समूह,नईदिल्ली का प्रखर मेधा सम्मान,
भारतीय विधिक सहायता एसोसिएशन,सोनभद्र का सम्मान,
पुष्पगंधा प्रकाशन सम्मान,
कवर्धा,छत्तीसगढ़,
कादंबरी- जबलपुर,मध्य प्रदेश,
विद्योत्तमा फाउंडेशन-नाशिक,महाराष्ट्र,
कबीर कोहिनूर सम्मान, राजस्थान,
अमेरिका का मैन ऑफ द ईयर सम्मान,
विश्वप्रतिभा अंतरराष्ट्रीय सम्मान,नेपाल,वर्ल्ड डायनेमिक अचीवर्स ऑफ एक्सीलेंस अवार्ड आदि सहित अनेक संस्थाओं द्वारा कई दर्जनों सम्मान पुरस्कार,
१२वें विश्व हिंदी सम्मेलन,फिजी में व्याख्यान
संस्कृति विभाग ,नेपाल का सम्मान,साहित्य
अकादमी,मध्य प्रदेश का अखिल भारतीय सम्मान आदि।
विदेश यात्राएं-नेपाल,जापान, मलेशिया,फिजी आदि।








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